आज का युग डिजिटल क्रांति का है, जहां शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वास्तविक कौशल और तकनीकी दक्षता सफलता की कुंजी बन गई है। सम्राट अशोक प्राइवेट आई.टी.आई. के कंप्यूटर एम्प्लॉयबिलिटी शिक्षक इसी बदलाव की अगुवाई कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थी सिर्फ सिखें नहीं, बल्कि अपने कौशल को रोजगार योग्य भी बना सकें।
शिक्षक: ज्ञान से भविष्य की ओर ![]()
आदरणीय सौरभ सर ने 2017 से कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे केवल तकनीक ही नहीं सिखाते, बल्कि विद्यार्थियों को समस्या-समाधान (Problem-Solving), तार्किक सोच (Logical Thinking) और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देते हैं।
सत्र 2022 से सिप्पी जोशी (छत्रपाल जोशी), भूपेश वर्मा और अजय जायसवाल ने भी इस ज्ञानयात्रा में कदम रखा और अपनी आधुनिक दृष्टि, मेहनत और तकनीकी समझ से विद्यार्थियों को डिजिटल युग के लिए तैयार कर रहे हैं। ये शिक्षक छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी जैसे नए जमाने के विषयों से जोड़ रहे हैं, जिससे वे नौकरी के साथ-साथ स्टार्टअप और फ्रीलांसिंग में भी अपने करियर की नई संभावनाएं तलाश सकें।
डिजिटल क्रांति में शिक्षकों की भूमिका ![]()
कोडिंग की शक्ति: जैसे मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक बनाकर दुनिया बदली, वैसे ही हमारे शिक्षक विद्यार्थियों को प्रोग्रामिंग और वेब डेवलपमेंट में निपुण बना रहे हैं।
डिजिटल मार्केटिंग: आज का दौर सोशल मीडिया और ऑनलाइन बिजनेस का है। शिक्षक विद्यार्थियों को SEO, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स के गुर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
साइबर सिक्योरिटी एवं एथिकल हैकिंग: डिजिटल दुनिया जितनी तेज़ी से बढ़ रही है, उतने ही साइबर खतरों का भी सामना हो रहा है। शिक्षक छात्रों को डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में भी दक्ष बना रहे हैं।
रोबोटिक्स और एआई: शिक्षक छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की नई तकनीकों से जोड़कर उन्हें भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार कर रहे हैं।
भविष्य की दिशा: शिक्षक और उन्नति ![]()
आने वाले समय में, इन शिक्षकों का ज्ञान और भी गहरा होगा, तकनीक और भी नवीन होगी, और यह शिक्षक अपने छात्रों को और अधिक उन्नत और सक्षम बनाएंगे। इनकी मेहनत और योगदान से विद्यार्थी न केवल नौकरी पाने के लिए तैयार होंगे, बल्कि स्टार्टअप, फ्रीलांसिंग और नवाचार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ेंगे।
सम्राट अशोक प्राइवेट आई.टी.आई. परिवार इन सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त करता है।
“तकनीक सिर्फ उपकरण नहीं, भविष्य की भाषा है – और आप सभी शिक्षक इसके सच्चे अनुवादक हैं!” ![]()

